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पश्चिम एशिया में जारी संकट पर हाई-लेवल मीटिंग, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्री समूह की बैठक

 Published : Mar 28, 2026 05:43 pm IST,  Updated : Mar 28, 2026 11:32 pm IST

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में पिछले एक महीने से हालात बिगड़े हुए हैं। भारत पर पड़ने वाले इसके संभावित असर और उससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक हुई।

Rajnath singh- India TV Hindi
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बैठक Image Source : ANI

नई दिल्ली:  28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में बिगड़े हालात और उसके भारत पर पड़ने वाले संभावित असर के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की बैठक बुलाई। राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक हुईहै। यह बैठक ऐसे समय में हुई जबकि केंद्र सरकार ईरान युद्ध को लेकर कई बैठकें कर चुकी है। साथ ही लोगों को यह भरोसा भी दिलाया जा रहा है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है। विदेश मंत्रालय हालात पर नजर बनाए हुए है साथ ही पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीय नागरिकों को भी हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रहा है।

तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से उत्पन्न होने वाले मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हो गया। संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जिसमें तेल और गैस की कीमतें भी शामिल हैं, जिसका असर देश भर के नागरिकों के जीवन पर पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य 'टीम इंडिया' की भावना के तहत समन्वय सुनिश्चित करना था। 

पीएम मोदी ने भी की थी बैठक

बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्रियों और केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की थी। इस बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और उसके संभावित प्रभावों के मद्देनजर राज्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई थी।

पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री ने इस बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों की ओर से दिए गए सुझावों की सराहना की और कहा कि बैठक में मिले सुझाव बदलते हालात से प्रभावी तरीके से निपटने में मददगार साबित होंगे। पीएम मोदी ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारी और मिलकर कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। 

पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ऐसे वैश्विक संकटों से निपटने का अनुभव राह है। पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों द्वारा मिलकर किए गए प्रयासों को याद किया और कहा कि उसी प्रयास का नतीजा रहा के सप्लाई चेन, बिजनेस और आम जीवन पर कम असर पड़ा था। पीएम मोदी ने कहा कि यही तालमेल देश की सबसे बड़ी ताकत है।

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